Kids story with moral in hindi|बहन हो तो ऐसी-(राखी का उपहार)

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 Kids story with moral in hindi|बहन हो तो ऐसी-राखी का उपहार


तो दोस्तों भाई और बहन की एक ऐसी कहानी (kids story in hindi) सुनाने  जा रहे हैं जिसमें 'बहन का भाई के प्रति प्यार 'इसका व्याख्या किया गया है। यह कहानी बहुत ही इंटरेस्टिंग है इसलिए इसे ध्यानपूर्वक पढ़िएगा-

बहन हो तो ऐसी -राखी का उपहार kids story with moral in hindi

Kids story with moral in hindi
Kids story with moral in hindi



हरि और परी दो  भाई - बहन थे हरि बड़ा था और उसकी एक छोटी बहन थी कल रक्षाबंधन का दिन आने वाला था  हरी का बर्थडे भी, तो उसके मम्मी - पापा राशन के सामान लेने बाजार जाते हैं और हरी से कहते हैं-बेटा परी की देखरेख करना और उसको मत सताना ऐसा कहकर उसके माता-पिता बाजार चले जाते हैं।
(kids story with moral in hindi)

उसके बाद हरि अपनी साइकिल निकालकर खेलने लगता है। तभी परी आती है और कहने लगती है:-भैया मुझे भी साइकिल चलाना है, ऐसा जिद करने लगती है शुरू में तो हरी मना कर देता है लेकिन बहुत अधिक जीत करने पर वह परी को साइकिल दे देता है।

अब परी साइकिल चलाने लगती है तभी हरि, परी को साइकिल से गिरा देता है और हरी हंसने लगते हैं परी जोर जोर से चिल्ला कर रोने लगती हैं। उसी समय उसके मम्मी पापा बाजार से वापस आ जाते हैं। और परी को रोते देखकर उसके पिता हरि के ऊपर चिल्लाने लगते हैं उसी समय परी अपने पिता से कहती है पिताजी भैया ने मुझे साइकिल से नहीं गिराया मैं खुद साइकिल से गिर गई। ऐसा कह कर वह अपने भैया को डांट खाने से बचा लेती है।

अगला दिन हरि का बर्थडे और रक्षाबंधन का त्यौहार दोनों रहता है हरि के पिता हरि को बुलाकर चॉकलेट देते है और कहते हैं यह चॉकलेट परी को राखी बांधते टाइम देना। ऐसा कहकर वे हरि को चॉकलेट दे देते हैं।
(kids story with moral)

हरि उस चॉकलेट को खाया जाता है कुछ समय बाद रक्षाबंधन का कार्यक्रम चालू होता है परी अपने भैया हरि को राखी बांधती है और अपना रक्षाबंधन का उपहार मांगने लगती है ,लेकिन हरि के पास जो चॉकलेट था गिफ्ट के रूप में उसे खा लिया रहता है। तो वह परी से कहता है की मेरे पास कोई गिफ्ट नहीं है तुम्हें देने के लिए। हरि के पिताजी कहते हैं की हरि बेटा मैंने जो तुम्हें चॉकलेट दिए थे उपहार के लिए वह कहां है? तो हारी कहने लगता है पिताजी मैंने चॉकलेट खा लिए। 


 फिर उसके पिता हरि को डांटते हैं तो हरी रोने लगता है और बोलता है आप परी से ही प्यार करते हो मुझसे प्यार नहीं करते। आप हरि को ही गिफ्ट देते हो,मुझे गिफ्ट नहीं देते ऐसा बोलकर हैरी और जोर -जोर से रोने लगता है।

उसको रोते हुए देख कर उसकी बहन परी  कहती है- भैया मुझे नहीं चाहिए गिफ्ट ऐसा कहकर परी एक गिफ्ट निकालती है और अपने भैया को  महंगी स्पोर्ट्स वॉच बर्थडे गिफ्ट देती है यह देख कर उसके माता-पिता अचंभित हो जाते हैं और पारी से पूछते हैं बेटा तुम्हारे पास इतना पैसा कहां से आया।

Happy ending of kids story with moral in hindi


 तो परी कहती है पिताजी मैंने अपने पैसे गुल्लक में जमा किए थे उन्हीं पैसों से मैंने भैया के लिए गिफ्ट खरीदी।

ऐसा सुनकर उसके माता-पिता बहुत खुश हो जाते हैं। और हरि को समझाने लगते हैं देखो बेटा परी तुमसे कितना प्यार करती हैं और तुम उसे सताते रहते हो
(kids story in hindi)

यह सुनकर हरि अपनी छोटी बहन परी को थैंक्स यू बोलता हैऔर सॉरी भी।

दोस्तों राखी का उपहार- (kids story with moral in
Hindi )कहानी   से   हमें क्या सीख मिलती है टिप्पणी में जरूर बताएं..


                 धन्यवाद
                 जय हिंद

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